शिखर
बीत जाएगा तेरा बुरा वक्त
भूल जाएगा तु अपना सारा दर्द
तेरा मन कही बेहक ना जाए
कही अपने लक्ष्य को भूल ना जाए, तू बनादे उसे सख्त
पार करेगा तु सारी बाधाओं को बिना किसी डर
छलांग मारेगा तु पुरे विश्वास के साथ, और ऊंची उडान भरेंगे तेरे पर
जब खुदको देगा तु सम्मान , तब कोई तेरे आग को बूझा न पाएगा
तुझे औरो के मान्यता की जरुरत नही
तेरा झंडा सबसे ऊपर लेहराएगा
खुदसे करली है तुने काफि बैमानी, अब खुदको थोडा प्यार दे
औरो पर करलिया है तुने बहुत वक्त बरबाद , अब खुदको एक वचन दे
जब मिले तुझे उडने का मौका तब किसी साथी को न खोज
कुछ रास्ते अकेले चलना सिखायेंगे, उन्हे पीछे नही छोड पाएगा लेकर किसी और का बोझ
इस सफ़र में आसान नही रहेंगे सारे दिन
लेकिन हार न मानना औरो के गुण गिन
जब तेरा वक्त आएगा , तब वो तेरी पहचान दूर तक पोहचाएगा
तेरा झंडा सबसे ऊपर लहराएगा ।
- वृंदा दीपराज जोशी

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